कौशल्या बैसंत्री ने आत्मकथा “दोहरा अभिशाप” के ज़रिये दलित महिलाओं के जीवन के बारे में क्या बताया है?

कौशल्या बैसंत्री का जन्म महाराष्ट्र में 8 सितंबर को 1927 में हुआ था और यह एक दलित लेखिका थीं। कौशल्या बैसंत्री की आत्मकथा “दोहरा अभिशाप” […]

महज़ चौदह साल की उम्र में निबंध लिखने वाली देश की पहली महिला दलित लेखिका के बारे में जानिए

मुक्ता साल्वे का जन्म 1840 में पुणे में हुआ था। यह वह समय था जब जातियों के आधार पर भेदभाव ज़्यादा होता था और सवर्ण […]

दलितों पर समाज और राजनीति की कड़वी सच्चाई बताती है NCRB रिपोर्ट

दलितों के खिलाफ दिन प्रतिदिन अपराध बढ़ रहें हैं। आए दिन दलितों के खिलाफ हो रही घटनाएं मानवता को शर्मसार कर देती हैं। भारत के […]

किसानों के लिए जब साहूकारों और ब्राह्मणों से लड़ गए थे ज्योतिबा फुले

ज्योतिबा फुले का जन्म 1827 में 11 अप्रैल को हुआ था। ज्योतिबा फुले समाजसुधारक थे। दलितों के उत्थान के लिए उन्होंने अनेक काम किए थे। […]

हंटर कमिशन से शिक्षा और नौकिरयों में आरक्षण की मांग के पीछे महात्मा फुले ने क्या तर्क दिया था ? पढ़िए   

महात्मा फुले ने दलितों, पिछड़ों और महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक कार्य किए हैं। महात्मा फुले सभी वर्गो के लोगो को शिक्षा प्रदान करने […]

तमिलनाडु, तेलंगाना और महाराष्ट्र में दलितों और आदिवासियों के खिलाफ हिंसा के बढ़ते मामले सरकारी वादो की पोल खोल रहे है

पिछले हफ्ते तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और राज्य सरकार मंत्री उदयनिधि के बयान की खूब चर्चाएं हुई। किसी ने इसे ‘सनातन’ धर्म […]

क्यों स्कूलों से नदारद हैं सावित्रीबाई फुले ?

अगर आप विकिपीडिया पर देखें तो पाएंगे सावित्रीबाई फुले को एक शिक्षाविद् के रूप में अंकित किया गया है। पर क्या उन्हें हमारे स्कूलों और […]

क्यों हो रहा महाराष्ट्र में दलितों के प्रति भेदभाव

महाराष्ट्र में जातिगत भेदभाव बड़े पैमाने पर दिखने लगा है और यह भेदभाव संवेदनशील होता नजर आ रहा है. जबकी हमारे भारतीय संविधान में दलितों […]