UPSC Ranking: भाजी विक्रेत्यांच्या मुलीने युपिएससी परीक्षेत ४९२ रँकिंग घेत वाढवला आई-बाबांचा स्वाभिमान !

UPSC Ranking: भाजी विक्रेत्यांच्या मुलीने युपिएससी परीक्षेत ४९२ रँकिंग घेत वाढवला आई-बाबांचा स्वाभिमान ! मंगळवार दिनांक १६ एप्रिल दिनी युपिएससीचा निकाल लागला अनेक विध्यार्थी चांगल्या […]

दलितांसाठी महाराष्ट्र सरकारच्या योजना : महाराष्ट्र सरकारच्या ज्या योजनांनी दलित समाजाचे जीवन बदलले

  दलितांसाठी महाराष्ट्र सरकारच्या योजना: महाराष्ट्र सरकारच्या ज्या योजनांनी दलित समाजाचे जीवन बदलले   महाराष्ट्रात 10 टक्क्यांहून अधिक दलित लोकसंख्या आहे आणि दलित मुक्ती चळवळीचा […]

भारत की पहली महिला शिक्षिका और नारी मुक्ति आंदोलन की नायिका माता सावित्रीबाई फुले, जीवन के अंतिम पल तक करती रहीं इंसानियत के लिए संघर्ष

वर्ष 1897 में पूणे शहर में प्लेग की महामारी फैल गयी। जब अधिकांश लोग शहर छोड़कर भाग गये सावित्रीबाई और उनके पुत्र वहीं रहकर बीमार […]

जाई खामकर एक ऐसी महिला जिन्होंने अपनी आंखे हमेशा के लिए खो दीं, पर अपने नज़रिए से बदली समाज की सोच

“मैं भले ही  देख नहीं  सकती लेकिन खुद को दृष्टिहीन नहीं मानती, मैं देख नहीं सकती पर मेरे पास भी एक नज़रिया है नज़र और […]

जातिवादी पिता ने बेटे को दलित लड़की से प्यार करने की दी इतनी खौफनाक सजा,नृशंसता से उतारा मौत के घाट

महाराष्ट्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आ रही है। गांव की ही दलित लड़की से प्रेम करने के मामले में एक पिता […]

बाबा साहेब अंबेडकर ने ऐसा क्यों कहा था कि मामूली “भीमा से डॉ. अंबेडकर बनाने का श्रेय रमाबाई को जाता है”

रमाबाई भीमराव अंबेडकर का जन्म आज ही के दिन 7 फरवरी 1898 को महारष्ट्र के छोटे से गांव दाभोल में हुआ था। बाबा साहेब भीमराव […]

कौशल्या बैसंत्री ने आत्मकथा “दोहरा अभिशाप” के ज़रिये दलित महिलाओं के जीवन के बारे में क्या बताया है?

कौशल्या बैसंत्री का जन्म महाराष्ट्र में 8 सितंबर को 1927 में हुआ था और यह एक दलित लेखिका थीं। कौशल्या बैसंत्री की आत्मकथा “दोहरा अभिशाप” […]

महज़ चौदह साल की उम्र में निबंध लिखने वाली देश की पहली महिला दलित लेखिका के बारे में जानिए

मुक्ता साल्वे का जन्म 1840 में पुणे में हुआ था। यह वह समय था जब जातियों के आधार पर भेदभाव ज़्यादा होता था और सवर्ण […]

दलितों पर समाज और राजनीति की कड़वी सच्चाई बताती है NCRB रिपोर्ट

दलितों के खिलाफ दिन प्रतिदिन अपराध बढ़ रहें हैं। आए दिन दलितों के खिलाफ हो रही घटनाएं मानवता को शर्मसार कर देती हैं। भारत के […]

किसानों के लिए जब साहूकारों और ब्राह्मणों से लड़ गए थे ज्योतिबा फुले

ज्योतिबा फुले का जन्म 1827 में 11 अप्रैल को हुआ था। ज्योतिबा फुले समाजसुधारक थे। दलितों के उत्थान के लिए उन्होंने अनेक काम किए थे। […]