कर्नाटक (karnataka) के कोप्पल (Koppal) जिले में एक दलित (dalit) लड़के (चेतन) को भगवान की मूर्ती छूना मंहगा पड़ गया। इसके लिए दलित परिवार पर साठ हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। मामला कोप्पल जिले के मलूर तालुक के हुल्लेरहल्ली गांव का है जहाँ दलित लड़के (चेतन) के मंदिर में जाकर भगवान की मूर्ती छू लेना मनुवादियों को नागवार गुजरा। उन्होंने पहले तो दलित लड़के को वहाँ से भगा दिया फिर बाकायदा एक पंचायत बुलाई गई और परिवार पर 60 हज़ार का जुर्माना लगा दिया गया।
जुलूस में शामिल होने वाली थी मूर्ती:
जानकारी है कि जिस मूर्ती को दलित लड़के (चेतन) ने छुआ था वो मूर्ती जुलूस में शामिल होने वाली थी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव में नए मंदिर का निर्माण कराया गया था जिसके लिए गांव में जुलूस निकालने की तैयारी की जा रही थी।

लेकिन जुलूस से तीन दिन पहले ही चेतन ने मूर्ती को छू लिया और उसे अपने सिर पर ले जाने की कोशिश की। पहले तो गांव वालों ने उसे मंदिर से भगा दिया लेकिन बाद में बाकायदा पंचायत बुलाकर दलित लड़के के माता-पिता रमेश और शोभा पर 60 हज़ार का जुर्माना लगाया।
पुलिस में नहीं की शिकायत:
गांव वालों ने दलित परिवार (dalit family) पर न केवल 60 हज़ार का जुर्मना लगाया। बल्कि उन्हें गांव में प्रवेश करने से भी मना कर दिया गया। उनसे कहा गया कि जब तक जुर्माने का भुगतान नहीं करेंगे तब तक उन्हें गांव में आने की इजाज़त नहीं है। इतना ही नहीं दलित लड़के की मां शोभा को धमकी भरे फोन आने की बात भी कही जा रही है। लेकिन इस मामले में जांच का सवाल भी पैदा नहीं होता क्योंकि 60 हज़ार का जुर्माना लगने के बाद से ही दलित परिवार इस हद तक डर गया है कि उसने मामले की सूचना तक पुलिस को नहीं दी है।
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