उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू के सरकारी आवास पर आयोजित एक पारिवारिक समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ एक ही सोफे पर समाजवादी पार्टी के संरक्षक और संस्थापक मुलायम सिंह यादव के साथ आई तस्वीर पर राजनीति शुरू हो गई है. कांग्रेस ने इसे सपा का संघवाद बताया तो कई ने छुपा हुए संघ परिवार, यह तस्वीर सबसे पहले केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने शेयर की थी, जिसमें वह खुद भी नजर आ रहे हैं. मेघवाल संघ प्रमुख से अपने जन्मदिन पर शुभकामनाएं ले रहे हैं|
यूपी कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से सोमवार की देर रात दोनों नेताओं के साथ वाली तस्वीर पोस्ट करते हुए समाजवादी पार्टी पर तंज कसा गया है. ट्वीट में यूपी कांग्रेस ने लिखा है, “नई सपा” में ‘स’ का मतलब ‘संघवाद’ है?
"नई सपा" में 'स' का मतलब 'संघवाद' है? pic.twitter.com/7qlUsDP9X9
— UP Congress (@INCUttarPradesh) December 20, 2021
सपा ने इसका जवाब देने में देर नहीं लगाई। सपा के जवाबी ट्वीट में शरद पवार की तस्वीर ट्वीट करते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक शिष्टाचार भूलने का आरोप लगाया गया। ट्वीट में लिखा गया- ‘राजनीतिक शिष्टाचार भूल चुकी है कांग्रेस! जिस कार्यक्रम की तस्वीर लगा रही कांग्रेस उसी कार्यक्रम में कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी के नेताओं ने भी लिया नेताजी का आशीर्वाद। इस पर क्या कहेगी कांग्रेस?
सोशल मीडिया पर भी इस तस्वीर को लेकर काफी हलचल मची हुई हैं,और आंबेडकरवादी भी उनकी इस तस्वीर से हरकत में आ गए हैं मुलायम सिंह को आड़े हाथ लेते हुए सभी ने सोशल मीडिया पर तरह तरह से उनकी आलोचना की हैं|
आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने आज सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव से मुलाकात करके आगामी विधानसभा पर चर्चा की..
मुस्लिम साथी क्या अब भी जवानी कुर्बान करेंगे? pic.twitter.com/AuH6aEC1m2— कुश अंबेडकरवादी (@Kush_voice) December 20, 2021
कुश आंबेडकरवादी ने ट्वीट करते हुए कहा,”आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने आज सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव से मुलाकात करके आगामी विधानसभा पर चर्चा की मुस्लिम साथी क्या अब भी जवानी कुर्बान करेंगे?”
To stop the SC Buddhist woman from becoming the chief minister, the red saffron all united.
(In picture- mulayam singh & Mohan Bhagwat) pic.twitter.com/vAsTH82eZE
— Susheel shinde (@susheelshinde98) December 21, 2021
आंबेडकरवादी सुशील कुमार शिंदे ने ट्वीट करते हुए कहा कि, “एससी बौद्ध महिला को मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए लाल भगवा सब एकजुट हो गए।”
संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ गुप्त मुलाक़ात करते हुए बीजेपी एजेंट 'असदउद्दीन ओवैसी' की तस्वीर सामने आ गयी है। अब कुछ ज्ञानी आके मुझे ज्ञान देंगे और मुझे बताएंगे भाई ये ओवैसी नहीं मुसलमानों के मसीहा 'मुलायम सिंह यादव' हैं। pic.twitter.com/Qk37XW5YUx
— Shahnawaz Ansari (@shanu_sab) December 20, 2021
सोशल मीडिया एक्टिविस्ट शहनवाज़ अंसारी ने ट्वीट कर तंज कसते हुए कहा “संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ गुप्त मुलाक़ात करते हुए बीजेपी एजेंट ‘असदउद्दीन ओवैसी’ की तस्वीर सामने आ गयी है। अब कुछ ज्ञानी आके मुझे ज्ञान देंगे और मुझे बताएंगे भाई ये ओवैसी नहीं मुसलमानों के मसीहा ‘मुलायम सिंह यादव’ हैं।”
https://twitter.com/AmbedkarSristi/status/1473156807526735876?s=20
सृष्टि आंबेडकरवादी ने भी ट्वीट किया कि,” मुलायम सिंह यादव जी व आरएसएस प्रमुख श्री मोहन भागवत जी की मुलाकात का कितना मनमोहक द्र्श्य है श्री अखिलेश यादव जी भी होते तो चार चाँद लग जाते खैर इसमे श्री मुलायम सिंह यादव जी की जगह बहन जी होती तो अभी तक कब्र मे आराम कर रहे भी उठकर कहने लगते की बहनजी आरएसएस से मिली हुई है”
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