एक दलित लड़का और एक मुस्लिम लड़की। दोनों एक दूसरें से बेहद प्यार करते थे। एक दूसरे से शादी करना चाहते थे लेकिन लड़की के भाई को ये गवारा नहीं था उसने दलित लड़के की हत्या की और शव को 7 टूकड़ो में काट दिया गया।
Dalit Lives matter : महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से दलित युवक की हत्या का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। इस घटना से दलित लड़के का परिवार और पूरा गांव दहशत में हैं। वहीं सोशल मीडिया पर यह खबर जमकर शेयर की जा रही है। घटना 31 अक्टूबर की है। जब मुंबई में मोहम्मद सत्तार नाम के एक मुस्लिम युवक ने 21 साल के रघुनंदन पासवान को अपने यहाँ बुलाया और उससे ये बात कंफर्म की कि क्या उसका संबंध उसकी बहन के साथ है।
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शव के किए 7 टूकड़े :
जब दलित लड़के ने इस बात पर हामी भरी तो मोहम्मद सतार ने अपने साथियों के साथ मिलकर दलित युवक रघुनंदन पासवान की बेरहमी से हत्या कर दी। और सिर्फ इतना ही नहीं हत्या के बाद दलित युवक के शव को चाकूओं से 7 टुकड़ों में काटा गया। उन टूकड़ों को पेंट की खाली बाल्टियों में भर कर मुंबई के गोराई के सुनसान इलाके में फेंक दिया गया। जानाकारी के मुताबिक लड़की का भाई मुंबई में बकरा बेचने का काम करता है।
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सोशल मीडिया पर वारयल फोटो :
इस पूरे मामले में पुलिस ने अपराधी मोहम्मद सतार को गिरफ्तार कर लिया है। जानाकारी के मुकाबिक मोहम्मद सतार ने दलित युवक के दोस्त के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। बताते चलें कि अब जब इस घटना का पता चला है तो सोशल मीडिया पर एक तस्वीर जमकर वायरल है। वो तस्वीर है दलित युवक के दाहिने हाथ की जिस पर एक टैटू नुमा रूप में RA लिखा हुआ है। दलित युवक के पिता जितेंद्र पासवान ने अपने बेटे के शव को इसी टैटू से पहचाना और इस घटना पर उन्होंने कहा, “उसके दाएँ हाथ पर बने “RA” टैटू से मैंने उसे पहचाना। इसमें R से रघुनंदन और A उसकी प्रेमिका के नाम का शुरुआती शब्द था। जितेंद्र पासवान ने बताया कि उनके बेटे की जान को पहले भी लड़की के भाइयों से खतरा था, जिन्होंने उसे जान से मारने की धमकियाँ भी दी थीं।
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बिहार में शुरू हुई थी प्रेम कहानी :
बहरहाल जिस प्रेम कहानी की वजह से दलित युवक को अपनी जान गवानी पड़ा उस कहानी को भी जान लीजिए। दलित युवक रघुनंदन और लड़की दोनों बिहार के दरभंगा जिले के मनीगाछी के रहने वाले हैं। रघुनंदन दरभंगा के अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। उसके ही गाँव की रहने वाली मुस्लिम लड़की अपनी भाभी का इलाज कराने उसी अस्पताल जाती थी। यहीं रघुनंदन और लड़की के बीच प्रेम की दास्ताँ बनने लगी। लड़की की फैमिली इस रिश्ते के खिलाफ थी। मामले में हल्ला मचा, तो पंचायत कराई गई, जिसके बाद रघुनंदन को पुणे जाना पड़ा।
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सदमें में दलित परिवार :
यहीं से मोहम्मद सतार ने उसे मीरा-भायंदर बुलाकर उसकी हत्या कर 7 टुकड़ों में शव को काट डाला और उसे ऑटो पर लादकर फेंक दिया। दलित लड़का और मुस्लिम लड़की। दोनों एक दूसरें से बेहद प्यार करते थे। एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। लेकिन दलित मुस्लिम की लड़ाई में दलित युवक को अपनी जान गवानी पड़ी और लड़की को अपनी मोहब्बत। वहीं रघुनंदन के इस क्रूर अंत ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गाँव को सदमे में डाल दिया है।
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