महाराष्ट्र में दलितों का संघर्ष, जेब में मात्र 70 रूपए, 150km पैदल चले, पीड़ित बोले, “हमारे पास पैसा नहीं है लेकिन सच है !”

कोई कितना भी गरीब क्यों ना हो वो रोटी, कपड़े और मकान का जुगाड़ कर ही लेगा लेकिन बात जब न्याय की आएगी न तो […]

मैला ढोने की अमानवीय प्रथा: भारतीय समाज, राजनीति और नीति की विफलता

2019 में सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया कि भारत की नगरपालिकाएँ और पंचायतें स्वयं 54,098 सफाई कर्मचारियों को मैला ढोने के लिए नियुक्त […]

सेप्टिक टैंकों में उतरने के लिए मजबूर करते हैं अधिकारी, मौत के बाद पूछने भी नहीं आए : पीड़ित दलित पिता की आपबीती

हमने गेट कूदकर अंदर प्रवेश किया। मुझे कुछ गलत होने का एहसास हुआ और मैंने भूमिगत टैंकों को देखना शुरू किया और वहीं 12 फीट […]

अगर हम अपने लोगों की आवाज नहीं उठा सकते तो हम क्या करेंगे पार्लियामेंट में : चंद्रशेखर आजाद

नगीना से लोकसभा सांसद और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आज़ाद संसद के बाहर गुस्से में नजर आए। उन्होंने अपने दोनों हाथों में तख्ती ली हुई […]