भारत की पहली महिला शिक्षिका और नारी मुक्ति आंदोलन की नायिका माता सावित्रीबाई फुले, जीवन के अंतिम पल तक करती रहीं इंसानियत के लिए संघर्ष

वर्ष 1897 में पूणे शहर में प्लेग की महामारी फैल गयी। जब अधिकांश लोग शहर छोड़कर भाग गये सावित्रीबाई और उनके पुत्र वहीं रहकर बीमार […]

फातिमा शेख की मौजूदगी पर क्यों उठ रहें हैं सवाल ? जानिए

सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका थी। शिक्षा के क्षेत्र में सावित्रीबाई फुले ने अपना अमूल्य योगदान दिया है। जब सावित्रीबाई फुले महिलाओं को […]

क्यों स्कूलों से नदारद हैं सावित्रीबाई फुले ?

अगर आप विकिपीडिया पर देखें तो पाएंगे सावित्रीबाई फुले को एक शिक्षाविद् के रूप में अंकित किया गया है। पर क्या उन्हें हमारे स्कूलों और […]

दलितों और मुस्लिमों के संयुक्त संघर्ष को चिह्नित करती हैं माता फातिमा शेख

फ़ातिमा शेख जिन्हें कुछ लोग जानते हैं और बहुत से नहीं। लेकिन जो लोग सावित्री बाई फुले या महात्मा ज्योतिबा फुले से ज़रा भी परिचित […]